शाहजहांपुर केसः चिन्मयानंद की पेशी आज, जमानत के लिए हाईकोर्ट जाएंगे

 शाहजहांपुर ,दुराचार के आरोपी चिन्मयानंद की गुरुवार को कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी। उनकी पेशी एक अक्टूबर को होनी थी, लेकिन पीजीआई से देर से आने के कारण पेशी टालकर तीन अक्टूबर कर दी गर्ई थी। अब चिन्मयानंद की जमानत के लिए उनके वकील हाईकोर्ट जाएंगे, क्योंकि चिन्मयानंद की सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। दूसरी ओर छात्रा की जमानत के लिए भी  हाईकोर्ट में अर्जी दी जाएगी। उसकी जमानत भी सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के आरोपी संजय, विक्रम और सचिन की जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी गुरुवार को दी जा सकती है। चिन्मयानंद पर उन्हीं की कॉलेज की एलएलएम छात्रा ने दुराचार का आरोप लगाया था।
छात्रा द्वारा आरोप लगाए जाने पर चिन्मयानंद पर 376-सी की धारा के तहत मुकदमा तरमीम किया गया है। चिन्मयानंद के वकील की ओर से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज है, जिसमें छात्रा को प्रमुख आरोपी बनाया गया, उसका सहयोग करने वालों में संजय सिंह, विक्रम सिंह और सचिन सेंगर का नाम शामिल है। चिन्मयानंद, छात्रा और तीनों युवक इस वक्त शाहजहांपुर जिला जेल में बंद हैं। इसमें युवकों की एक अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हो चुकी है। अब गुरुवार को चिन्मयानंद की पेशी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। इधर, जेल में बंद सभी लोगों से मिलने के लिए उनके परिवार के लोग बुधवार को भी पहुंचे थे।
एसआईटी चीफ पहुंचे, तेज होगी विवेचना
कई दिनों के बाद एसआईटी चीफ नवीन अरोड़ा और एसपी भारती सिंह को पुलिस लाइन में देखा गया। कई दिनों से एसआईटी अपने पेंडिंग कामों को निपटा रही थी। फील्ड के काम कुछ बाकी रह गए हैं। ऐसे में आईजी नवीन अरोड़ा के आने पर माना जा रहा है कि विवेचना के शेष रह गए कार्यों को तेजी के साथ पूरा किया जाएगा। अभी कई ऐसी चीजें हैं, जो बरामद नहीं की जा सकी हैं। एसआईटी अब उन महत्वपूर्ण सुरागों को हासिल करने के लिए कोशिश करेगी। 
रिमांड पर लिए जा सकते हैं चिन्मयानंद
एलएलएम छात्रा लगातार अपनी इस बात पर अडिग है कि उसने अपने हास्टल के ही रूम में खुफिया कैमरे वाला चश्मा रखा था, जिसे चिन्मयानंद ने कमरा सील होने से पहले गायब करा दिया। पुलिस ने कमरा सील किया था, जब एसआईटी ने सील तुड़वाकर कमरा खुलवाया तो उसमें चश्मा नहीं मिला। अब एसआईटी के लिए वह चश्मा हासिल करना बड़ी चुनौती है, लेकिन वह कहां है, किसके पास है, इसके लिए चिन्मयानंद को रिमांड पर लेने की तैयारी हो सकती है।
…तो फिर छात्रा का मोबाइल कैसे मिलेगा
एसआईटी चिन्मयानंद पर दर्ज दुराचार के मुकदमे में रंगदारी मांगने के आरोपी संजय सिंह को रिमांड पर लेना चाहती थी, लेकिन कोर्ट ने संजय की रिमांड अर्जी खारिज कर दी, क्योंकि संजय दुराचार के मुकदमे में आरोपी नहीं है। एसआईटी संजय से छात्रा के गायब मोबाइल के बारे में पूछताछ करना चाहती थी, क्योंकि कागजी लिखापढ़ी में संजय ने ही छात्रा का मोबाइल फोन कहीं छिपाया था, उसे बरामद करने के लिए अब एसआईटी कैसे संजय की रिमांड लेगी, देखना होगा।