इशरत जहां की मां ने CBI से कहा- अब नहीं लड़ सकती केस, बेबस हो गई हूं

शमीमा कौसर ने सीबीआई को लिखी चिट्ठी में कहा है कि एक लंबी लड़ाई में अब आशाहीन और बेबस महसूस कर रही हूं. उन्होंने मांग की है कि उनके खत को रेकॉर्ड के तौर पर सीबीआई अहमदाबाद कोर्ट में पेश किया जाए.
चिट्ठी अहमदाबाद कोर्ट में रेकॉर्ड के तौर पर पेश करने की मांगकौसर ने कहा है कि वे कोर्ट की कार्यवाही से दूरी बना रही हैं

इशरत जहां की मां शमीमा कौसर ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि वे फेक एनकाउंटर केस अब नहीं लड़ेंगी. उन्होंने लिखा है, ‘लंबी लड़ाई के बाद मैं आशाहीन और बेबस महसूस कर रही हूं.’ शमीमा कौसर ने सीबीआई से कहा है कि उनकी यह चिट्ठी अहमदाबाद कोर्ट में रेकॉर्ड के तौर पर पेश की जाए.

विशेष सीबीआई अदालत के जज आर के चुडावाला पुलिस महानिरीक्षक जी एल सिंघल, पूर्व डीएसपी तरुण बरोट, पूर्व डीवाईएसपी जी जी परमार, सहायक उप-निरीक्षक अनाजू चौधरी और चार आरोपी पुलिसकर्मियों की ओर से आरोप मुक्ति के लिए दायर याचिकाओं की सुनवाई कर रहे हैं.

कौसर ने कहा है कि वे कोर्ट की कार्यवाही से दूरी बना रही हैं और सीबीआई से आरोपियों की दोषसिद्धि तय करने का आग्रह करती हैं. उन्होंने चिट्ठी में लिखा, ‘न्याय की इतनी लंबी लड़ाई के बाद मैं आशाहीन और बेबस महसूस करती हूं. 15 साल से अधिक साल बीत गए लेकिन पुलिस अधिकारियों समेत सभी आरोपी जमानत पर हैं. मेरी बेटी की हत्या के मुकदमे का सामना करने के बावजूद कुछ को तो गुजरात सरकार ने बहाल कर दिया.’

गौरतलब है कि गुजरात पुलिस के 15 जून 2004 को अहमदाबाद के बाहरी इलाके में एक फर्जी मुठभेड़ में इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लई, अमजदअली अकबरअली राणा और जीशान जौहर मारे गए थे. पुलिस ने दावा किया था कि इनके लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से संपर्क थे.